Charkhi Dadri News – आज के दौर में जहां छोटी-सी लापरवाही भी किसी के लिए आर्थिक परेशानी का कारण बन सकती है, वहीं कुछ लोग अपने संस्कारों और ईमानदारी से समाज में ऐसी मिसाल कायम करते हैं, जो दूसरों को भी नेक राह पर चलने की प्रेरणा देती है।
ऐसा ही सराहनीय उदाहरण बस स्टैंड रोड स्थित रावलधिया क्लॉथ हाउस के संचालक मनफूल सिंह रावलधिया ने पेश किया है। उन्होंने करीब 26 हजार रुपये से भरा पर्स उसकी असली मालिक महिला को लौटाकर ईमानदारी और मानवीय मूल्यों का परिचय दिया। दुकान संचालक मनफूल सिंह रावलधिया ने बताया कि सुल्तानपुर निवासी रेनू पत्नी रमन सुबह करीब 11ः30 बजे कपड़ों की खरीदारी करने रावलधिया क्लॉथ हाउस पहुंची थीं। खरीदारी के दौरान वह अपना पर्स दुकान पर ही भूलकर चली गईं।
इसी दौरान दुकान पर काम कर रहे मनफूल सिंह के छोटे भाई विनोद कुमार की नजर पर्स पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए पर्स अपने बड़े भाई मनफूल सिंह को सौंप दिया। मनफूल सिंह ने पर्स को सुरक्षित रख लिया। लगभग दो घंटे बाद घबराई हुई महिला रेनू वापस दुकान पर पहुंचीं और बताया कि उनका 26 हजार रुपयों से भरा पर्स संभवतः दुकान में छूट गया या फिर कहीं गिर गया है। इस पर मनफूल सिंह ने उन्हें पर्स मिलने की बात बताई और पूरी राशि सहित पर्स सुरक्षित लौटा दिया।
खोया हुआ पर्स पाकर महिला के चेहरे पर खुशी छलक उठी और उन्होंने पूरी दुकान टीम का आभार व्यक्त किया। बता दें कि व्यापारी नेता और जेजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में समाज में अपनी विशेष पहचान रखने वाले मनफूल सिंह रावलधिया के साथ ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है।
वे हर बार ग्राहकों का छूटा हुआ सामान व नकदी इसी निष्ठा के साथ लौटाते रहे हैं। बाजार और सामाजिक हलकों में उनकी इस नेकदिली और बेदाग साख की जमकर सराहना हो रही है। उनका यह कदम समाज को यह संदेश देता है कि पद और प्रतिष्ठा से बढ़कर इंसानियत और ईमानदारी होती है। ईमानदारी से लौटाया गया पर्स केवल रुपये वापस करना नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, संस्कार और इंसानियत को मजबूत करना है। ऐसी मिसालें ही दूसरों को सही रास्ता चुनने की प्रेरणा देती हैं।
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