Charkhi Dadri News – नगर के डेरावाल भवन स्थित संस्कार प्ले स्कूल के प्रांगण में हरियाणा दिवस उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नन्हे विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से हरियाणा की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली पहचान की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए मनमोहक नृत्य, गायन और भाषण प्रस्तुत किए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। समारोह के दौरान पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें जानवी, जियांश, प्रियांशी, भूपेश, पूर्विका, तेजस, दीया, जसिका, मुक्ता, कीर्ति, अपूर्वा, संध्या, चारविक, यशवी, गुनगुन, माहिरा, लोवियेश, चेतन्या, आर्यन, तृषा, अभिषेक, कर्ण, आयुष, रूद्रा व अंबिका सहित अनेक विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में आयुष ने प्रथम, अंबिका ने द्वितीय तथा अपूर्वा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर स्कूल संचालक अधिवक्ता डॉ. सुभाष जैन, प्रधानाचार्या अंजू शर्मा ने विद्यार्थियों को हरियाणा दिवस के महत्व से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर 1966 को हरियाणा अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया था। तब से प्रतिवर्ष इस दिन को हरियाणा दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने कृषि, औद्योगिक विकास, खेल, सैन्य सेवाओं और सामाजिक क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
प्रदेश की मेहनतकश जनता, किसानों और जवानों का योगदान इसकी सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानाचार्य अंजू शर्मा ने बच्चों को हरियाणा की भौगोलिक स्थिति, कृषि प्रधान पहचान और दिल्ली से लगती सीमाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा की मिट्टी में मेहनत, साहस और देशभक्ति के संस्कार रचे-बसे हैं।
ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी मातृभूमि, संस्कृति और परंपराओं को समझने तथा उन पर गर्व करने की प्रेरणा मिलती है। समारोह के समापन पर डॉ. सुभाष जैन व प्रधानाचार्या अंजू शर्मा ने सभी अभिभावकों, विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों को हरियाणा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चों को अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ना ही ऐसे आयोजनों का वास्तविक उद्देश्य है।
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