Charkhi Dadri News – पंजाबी सभा आदर्श धर्मशाला द्वारा सभा के प्रधान साहिल चराया के नेतृत्व में आयोजित तीन दिवसीय गणेश महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव के दौरान आदर्श धर्मशाला परिसर गणपति बप्पा के जयकारों और भक्ति संगीत से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश की आराधना कर सुख-समृद्धि, बुद्धि एवं परिवार के मंगल की कामना की।
महोत्सव के दौरान 23 सितंबर को सुबह सवा 10 बजे विधिवत पूजा-अर्चना के साथ आदर्श धर्मशाला में भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। अगले दिन 24 सितंबर को सुबह सवा 8 बजे आरती का आयोजन हुआ। रात्रि 8 बजे से विशाल गणेश जागरण आयोजित किया गया, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर गणपति बप्पा के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। जागरण में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे दादरी विधायक सुनील सतपाल सांगवान ने भगवान श्री गणेश का पूजन किया। पंडित घनश्याम दास ने मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजा करवाई। इस अवसर पर बाला वाला मंदिर के महंत सूरज नाथ ने विशेष रूप से उपस्थित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया और गणेश महिमा का गुणगान किया। मंच संचालन कर रहे राहुल शास्त्री ने सर्वप्रथम बेरी से पहुंचे गायक विजय शर्मा को आमंत्रित किया। विजय शर्मा ने गणेश वंदना के साथ जागरण की शुरुआत कर चलो बुलावा आया हैं बाबा ने बुलाया है जैसे विभिन्न भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। उनके द्वारा प्रस्तुत भजनों पर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
चरखी दादरी के प्रसिद्ध गायक सोनू शिव रंजनी ने जय गणेश देवा, हे दुख भंजन सुन लो मेरी पुकार, साथी हमारा कौन बनेगा, तुम ना सुनोगे तो कौन सुनेगा तथा तेरे धाम की माटी हमें रास आ गई जैसे भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। विशेष रूप से महादेव पर आधारित भजन में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों और महिमा का गुणगान करते हुए उन्होंने ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बनाया कि श्रद्धालु तालियों की गड़गड़ाहट के साथ झूमने लगे। इसके पश्चात गोहाना से पहुंचे मोहित महादेव आर्ट ग्रुप के कलाकारों ने घर में पधारो गजानन पधारो सहित पंजाबी भजन कृपा करो हे देवा, श्री गणेशा देवा और अघोर स्वरूप में भोलेनाथ, पार्वती संग दिव्य नृत्य पर मनमोहक झांकियों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
जयपुर से पहुंची गायिका अनामिका शर्मा और सोनीपत से शिवानी सैनी ने अपनी मधुर आवाज में विभिन्न भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके भजनों के दौरान पूरा पंडाल भक्ति रस में डूबा नजर आया। इसके उपरांत चरखी दादरी से प्रसिद्ध गायक राहुल शास्त्री ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ ने जब श्याम बाबा की महिमा से ओतप्रोत भजन जब दिन गर्दिश में थे, ना कोई पूछने वाला था प्रस्तुत किया तो पूरा पंडाल भक्ति और भावनाओं से सराबोर हो गया। भजन के भावपूर्ण शब्दों ने श्रद्धालुओं के हृदय को स्पर्श किया और कई भक्तों की आंखें नम हो उठीं। वातावरण में ऐसी आध्यात्मिक अनुभूति हुई मानो भक्त अपने जीवन के सुख-दुःख श्याम प्रभु के चरणों में अर्पित कर रहे हों। इसके पश्चात राहुल शास्त्री ने कब आएंगे सांवरिया भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर श्याम प्रेम की ऐसी रसधारा प्रवाहित की कि श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने लगे।
भजन के दौरान पंडाल में बैठे भक्तों को ऐसा आध्यात्मिक अनुभव हुआ, मानो वे स्वयं वृंदावन की पावन गलियों में सांवरिया सरकार के सान्निध्य में बैठे हों। जैसे-जैसे राहुल शास्त्री की सुमधुर आवाज, भजनों की स्वर-लहरियां गूंजती गईं, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की भक्ति भी चरम पर पहुंचती गई और देखते ही देखते पूरा पंडाल श्याम बाबा की जय और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठा। जागरण के दौरान समाजसेवा में सहयोग देने वाले राजेश सोनी, डॉ. सुभाष जैन, प्रदीप मित्तल, अनिल दादरी, जय भगवान मस्ताना, नंदलाल ठुकराल सहित अन्य सहयोगियों ओर समाज सेवकों का पंजाबी सभा आदर्श धर्मशाला की ओर से मोतियों की माला एवं पटका पहनाकर स्वागत व सम्मान किया गया। कार्यक्रम में सुफियाना म्यूजिकल ग्रुप एवं कृष्ण साउंड सर्विस ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। जागरण का समापन प्रातः भगवान श्री गणेश की आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। सभा के प्रधान साहिल चराया व समस्त कार्यकारिणी ने जागरण में शामिल कलाकारों एवं अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों, श्रद्धालुओं, गायकों और कलाकारों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान भक्तों में फूल-फ्रूट मिठाई का प्रसाद वितरित किया।
महोत्सव के अंतिम दिन 25 सितंबर को विधि-विधान से भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात दोपहर सवा 3 बजे गणपति विदाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। आदर्श धर्मशाला से भगवान श्री गणेश की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की थाप पर श्रद्धालु जमकर झूमे और अबीर-गुलाल उड़ाते हुए गणपति बप्पा के जयकारे लगाए। शोभायात्रा के दौरान वातावरण गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भावुक मन से भगवान श्री गणेश को विदाई दी और प्रतिमा का विसर्जन किया।
इस अवसर पर महंत सूरज नाथ और पंडित घनश्याम शर्मा ने श्रद्धालुओं के बीच एक आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि गणेश जी की विदाई केवल प्रतिमा की विदाई नहीं, बल्कि अपने भीतर के अहंकार, अज्ञान और नकारात्मकता को दूर करने का संकल्प है। भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं उनकी कृपा से जीवन में विवेक, बुद्धि और शुभ कर्मों का प्रकाश बना रहे, यही गणेश महोत्सव की वास्तविक भावना है।
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