Charkhi Dadri News – हरियाणा की मिट्टी की सौंधी खुशबू, देसी खानपान का स्वाद और रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, कुछ ऐसा ही अद्भुत नजारा आज हरियाणा दिवस के अवसर पर एससीआर स्कूल, चरखी के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने प्रस्तुत किया। बच्चों ने अपने अनूठे अंदाज में हरियाणा की समृद्ध संस्कृति, सभ्यता और गौरवशाली परंपराओं को जीवंत कर दिया। हरियाणा दिवस के इस विशेष आयोजन में नन्हे बच्चे सुंदर एवं रंग-बिरंगी हरियाणवी पोशाकों में सजे नजर आए।
किसी के चेहरे पर देसी अंदाज की मुस्कान थी तो किसी के व्यक्तित्व में हरियाणवी संस्कृति की झलक। बच्चों ने गुलगुले, चूरमा, खीर, कढ़ी और बाजरे की रोटी जैसे पारंपरिक व्यंजन लाकर हरियाणा के खानपान की समृद्ध विरासत को भी खूबसूरती से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एससीआर स्कूल के बच्चों ने हरियाणा की संस्कृति और परंपराओं को दर्शाती आकर्षक झांकियां निकालीं।
बस स्टैंड स्थित रोज गार्डन में बच्चों की इस शानदार प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। दादरी सिविल कोर्ट की एडवोकेट इंदु जुसेजा एवं उनके पति एडवोकेट निक्सन जसूजा ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया, उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और नन्हे बच्चों की इस सांस्कृतिक पहल की सराहना की। एडवोकेट से मिला प्रोत्साहन बच्चों के लिए बेहद खास और यादगार पल बन गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या ने इस अवसर पर सभी अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों को हरियाणा दिवस की हार्दिक बधाई दी।
उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में बच्चों को अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और जड़ों से जोड़ना बेहद जरूरी है। हमारा प्रयास है कि एससीआर स्कूल के बच्चे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी मिट्टी की पहचान, अपने प्रदेश का गौरव और अपनी विरासत का सम्मान करना भी सीखें।
उन्होंने भविष्य में भी ऐसे अनूठे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी परंपराओं से जोड़ते रहने का संकल्प व्यक्त किया। आज एससीआर स्कूल में केवल हरियाणा दिवस नहीं मनाया गया, बल्कि हरियाणा की मिट्टी, संस्कृति, संस्कार और गौरव को नन्हे कदमों से एक नई पहचान दी गई। क्योंकि अपनी संस्कृति को जानने वाली पीढ़ी ही अपने भविष्य को गर्व से संवारती है।
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