Charkhi Dadri News – माननीय श्री देश राज चालिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चरखी दादरी के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बच्चों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा और बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के बारे में जागरूक करना था।
इसी कड़ी में आज आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में श्री संजीव काजला, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चरखी दादरी ने शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित माहौल में रहने,
शिक्षा प्राप्त करने और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। बच्चों को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी होनी चाहिए और किसी भी गलत व्यवहार या परेशानी के बारे में बिना डर के अपने माता-पिता और शिक्षकों को बताना चाहिए। इस कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रिसोर्स पर्सन के रूप में अधिवक्ता सुश्री पूनम ढिल्लों सांगवान ने विद्यार्थियों को बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़े कानूनों के बारे में जानकारी दी।
इसी प्रकार जी.के. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, समसपुर, चरखी दादरी में आयोजित कार्यक्रम में श्री रजत अरोड़ा, माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, चरखी दादरी ने शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि बच्चों की सुरक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी तरह की गलत हरकत या शोषण होने पर चुप न रहने की सलाह दी
। उन्होंने विद्यार्थियों को जरूरत पड़ने पर अपने माता-पिता, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों से मदद लेने के लिए भी प्रेरित किया। इस अवसर पर रिसोर्स पर्सन के रूप में पैनल अधिवक्ता सुश्री शर्मिला ने बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़े कानूनों के बारे में जानकारी दी।
वहीं, यदुवंशी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मंडोला में आयोजित कार्यक्रम में श्री लक्ष्य गर्ग, माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, चरखी दादरी ने शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित और अच्छा माहौल मिलना चाहिए। बच्चों को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी सुरक्षा के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। किसी भी तरह की गलत हरकत, शोषण या परेशानी होने पर बच्चों को चुप नहीं रहना चाहिए और इसकी जानकारी अपने माता-पिता, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए। इस कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में अधिवक्ता सुश्री कमलेश ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों के बारे में विस्तार से बताया।
सभी स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच अंतर समझाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति उनके साथ गलत व्यवहार करता है या उन्हें किसी बात से परेशानी होती है, तो वे बिना किसी डर के अपने माता-पिता, शिक्षकों या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। बच्चों के साथ होने वाले किसी भी तरह के शोषण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए।
न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि हर बच्चे को डरमुक्त माहौल में पढ़ने, अपनी बात रखने और सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि बच्चों को जागरूक बनाना बहुत जरूरी है, ताकि वे अपने साथ होने वाली गलत घटनाओं को समझ सकें और समय पर मदद ले सकें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चरखी दादरी द्वारा समय-समय पर स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि बच्चों और युवाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी सहायता और अलग-अलग कानूनों के बारे में जानकारी मिल सके।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें जागरूक बनाना है, ताकि हर बच्चा सुरक्षित माहौल में अपना जीवन जी सके। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और एक सुरक्षित समाज बनाने में अपनी भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया।
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