Charkhi Dadri News – अग्रवाल वैश्य समाज एवं वैश्य एजुकेशन सोसायटी के पदाधिकारियों द्वारा धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और सामाजिक एकता को समर्पित एक दिवसीय धार्मिक यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा को चरखी दादरी से प्रभात मंडल के योग गुरु पुरुषोत्तम बंसल एवं हरिराम बबलू ने बाबा श्याम का निशान दिखाकर श्रद्धापूर्वक रवाना किया।
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह एवं भक्ति भाव देखने को मिला। यात्रा के संयोजक एवं वैश्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मैनेजर विकास अटेलिया ने बताया कि यात्रा का पहला पड़ाव बाबा श्याम धाम, चुलकाना रहेगा। यहां दर्शन एवं पूजा-अर्चना के पश्चात सभी श्रद्धालु श्री अग्रसेन धाम, कुंडली के लिए प्रस्थान करेंगे। अग्रवाल वैश्य समाज हरियाणा के प्रदेश महासचिव एवं वैश्य एजुकेशन सोसायटी के प्रधान बलराम गुप्ता ने बताया कि श्री अग्रसेन धाम के दर्शन के बाद यात्रा श्री खाटू श्याम धाम, दिल्ली के लिए रवाना होगी।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की यात्रा केवल दर्शन और पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह व्यक्ति को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करती है। बलराम गुप्ता ने कहा कि श्री खाटू श्याम धाम, दिल्ली अपनी विशिष्ट धार्मिक अवधारणा एवं विविध आध्यात्मिक परंपराओं के समन्वय के लिए विशेष पहचान रखता है।
यहां विभिन्न पंथों के देवी-देवताओं एवं गुरुओं की प्रतिमाओं की उपस्थिति सर्वधर्म समभाव, आपसी सम्मान और सद्भावना का संदेश देती है। ऐसे धार्मिक स्थल समाज को एकता, प्रेम, सेवा और सह-अस्तित्व की प्रेरणा प्रदान करते हैं। सोसायटी महासचिव योगेश मित्तल ने बताया कि सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धा एवं आस्था को सुदृढ़ करना, धार्मिक चेतना जागृत करना तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना है।
भारतीय संस्कृति हमें सभी का सम्मान करने, आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने और सामाजिक एकता बनाए रखने की प्रेरणा देती है। यात्रा में वैश्य एजुकेशन सोसायटी एवं अग्रवाल वैश्य समाज व विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी बलराम गुप्ता, योगेश मित्तल, मैनेजर विकास अटेलिया, सदस्य विवेक बिलोटिया, शिवकुमार जिंदल, अग्रवाल वैश्य समाज चरखी दादरी अध्यक्ष गणेश गोयल, उपाध्यक्ष पवन लुहानी, कोषाध्यक्ष श्रवण गुप्ता व निरंजन सिंगला, अग्रवाल सेवा संघ पूर्व प्रधान राजकुमार गोयल,
ललित गर्ग, राजेश अन्नी, जोगेंद्र मित्तल, डॉक्टर राकेश मित्तल आदि शामिल रहे। सभी ने धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ-साथ सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जागरूकता और सेवा भाव को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। यह धार्मिक यात्रा आस्था, संस्कार, एकता और सद्भाव के संदेश के साथ समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रही।
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