Charkhi Dadri News – हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को प्रदेश के सभी डिपो में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बिजली बोर्ड के निजीकरण के विरोध में चल रहे बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया गया। साथ ही, परिवहन मंत्री के साथ 8 सितंबर को हुई बैठक में सहमत मांगों का परिपत्र जारी नहीं किए जाने के विरोध में 5 व 6 नवंबर को दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का नोटिस दिया गया।
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य एवं प्रवक्ता सुधीर अहलावत दुजाना ने बताया कि 5 व 6 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल के नोटिस के बाद 8 सितंबर को परिवहन मंत्री के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों की 12 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी थी। उस समय एक माह के भीतर मांगों से संबंधित परिपत्र जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद एक भी परिपत्र जारी नहीं किया गया। इससे रोडवेज कर्मचारियों में भारी रोष है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा बिजली बोर्ड के निजीकरण तथा गुरुग्राम और नूंह जैसे मुनाफे वाले जिलों में निजी कंपनी पावर-11 को 25 वर्षों के लिए समानांतर लाइसेंस देने के फैसले का रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा विरोध करता है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर मुनाफे वाले बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर रोडवेज में निजी परमिट देकर सरकारी परिवहन व्यवस्था को भी प्रभावित कर रही है। दोनों ही फैसले कर्मचारी और जनविरोधी हैं।
उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र में निजीकरण से किसानों और आम उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी पर असर पड़ने की आशंका है, जबकि रोडवेज में निजी परमिट की व्यवस्था से सरकारी रोजगार के अवसर प्रभावित होंगे। इसलिए बिजली कर्मचारियों का आंदोलन केवल उनका संघर्ष नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं और जनहित की रक्षा की साझा लड़ाई है।
सांझा मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी है कि यदि 4 नवंबर तक सहमत मांगों के परिपत्र जारी नहीं किए गए तो 5 व 6 नवंबर को प्रदेशभर में रोडवेज का चक्का जाम किया जाएगा। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि हड़ताल के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
सांझा मोर्चा की प्रमुख मांगों में निजी परमिट देने की योजना पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना, परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाकर लिपिकों के समान तीन वेतनवृद्धियां देना तथा वर्ष 2008 में भर्ती वंचित परिचालकों की पदोन्नति जल्द करना शामिल है। इसके अलावा चालकों के लिए स्टैंड इंचार्ज का अलग पद सृजित कर पदोन्नति देने, चालकों का हैवी पे-ग्रेड निर्धारित करने तथा वर्ष 2016 में भर्ती चालकों को नियुक्ति तिथि से नियमित करने की मांग उठाई गई है।
चालक, परिचालक, निरीक्षक, उपनिरीक्षक और कर्मशाला कर्मचारियों को पहले की तरह अर्जित अवकाश देने तथा वर्ष 2018 में भर्ती कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने की मांग भी शामिल है। मोर्चा ने वर्षों से बकाया बोनस का भुगतान करने, सहायकों के पद बढ़ाने, एसए के रिक्त पदों को पदोन्नति से भरने तथा उप-अधीक्षक के नए पद सृजित करने की मांग की है।
इसके साथ ही सुपरिंटेंडेंट की पदोन्नति अवधि 12 वर्ष से घटाकर पांच वर्ष करने, चालकों, परिचालकों और कर्मशाला कर्मचारियों की नई भर्ती करने तथा वर्ष 2008 में भर्ती चालक-परिचालकों को विशेष वेतनवृद्धि देने की मांग भी रखी गई है। इसके अतिरिक्त हेड कारपेंटर और हेड टायरमैन को अन्य हेड कर्मचारियों की तरह एसएसआई पद पर पदोन्नति देने सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई है। मोर्चा पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की कि बैठक में बनी सहमति के अनुसार सभी मांगों के परिपत्र तत्काल जारी किए जाएं, ताकि कर्मचारियों को बार-बार आंदोलन करने के लिए मजबूर न होना पड़े।
हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य सुधीर अहलावत ने बताया कि दादरी डिपो द्वारा बिजली कर्मचारियों की चल रही तीन दिवसीय हड़ताल का पूर्ण समर्थन करते हुए डिपो के कर्मचारियों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया गया।
सांझा मोर्चा से डिपो प्रधान राजेश मकडानी प्रधान महासंघ, अरविंद झोझू प्रधान इंटक, सतेंद्र सहरावत राज्य उप प्रधान इंटक, सोमबीर दगडोली महासंघ, ने आने वाली 05-06 नवंबर 2026 को 02 दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल के बारे कर्मचारियों को संबोधित किया और बिजली कर्मचारियों को अपना समर्थन देते हुए महाप्रबंधक दादरी के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार के नाम ज्ञापन/नोटिस सौंपा गया। इसमें मौजूद अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया।
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