Charkhi Dadri News – माननीय श्री देश राज छालिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चरखी दादरी के मार्गदर्शन में आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चरखी दादरी द्वारा सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत जिले के तीन विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बच्चों की सुरक्षा, यौन अपराधों से संरक्षण, मानव तस्करी तथा साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना रहा।
इसी कड़ी में श्री संजीव काजला, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चरखी दादरी ने आर.ई.डी. स्कूल, चरखी दादरी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों का संरक्षण तथा उन्हें भयमुक्त वातावरण उपलब्ध करवाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहने तथा समय पर अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने तथा उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
इस कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पैनल अधिवक्ता सुश्री दिव्यता ने संसाधन व्यक्ति के रूप में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान, बाल शोषण से बचाव तथा कानूनी सहायता प्राप्त करने के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान चित्रकला प्रतियोगिता एवं जागरूकता मार्च का आयोजन भी किया गया, जिसके माध्यम से बाल सुरक्षा का संदेश दिया गया।
इसके अतिरिक्त, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पेंटावास (GSSS Paintawas) में भी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता सुश्री रेखा रानी ने संसाधन व्यक्ति के रूप में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बच्चों के संरक्षण तथा POCSO अधिनियम के संबंध में जानकारी प्रदान की।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। इस अवसर पर “मेरा बचपन, मेरा अधिकार” विषय के अंतर्गत चित्रकला प्रतियोगिता एवं जागरूकता मार्च का आयोजन किया गया।
इसी प्रकार, ग्रीन मीडोज स्कूल में भी विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुरेश कुमार की उपस्थिति में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट/साइबर सेल के सहयोग से जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पैनल अधिवक्ता श्री सतबीर लाल गुप्ता ने संसाधन व्यक्ति के रूप में विद्यार्थियों को मानव तस्करी, बाल शोषण, साइबर अपराधों तथा इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचने और ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर निबंध प्रतियोगिता एवं जागरूकता मार्च के माध्यम से भी जागरूकता का संदेश दिया गया।
इन सभी कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना तथा किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध की स्थिति में समय पर सहायता दिलाना अत्यंत आवश्यक है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चरखी दादरी द्वारा माननीय श्री देश राज छालिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष के मार्गदर्शन तथा श्री संजीव काजला, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव के नेतृत्व में कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं आमजन को उनके अधिकारों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना तथा बाल अधिकारों के संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है।
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