Charkhi Dadri News – पंचनद चौक स्थित सत्यम शिवम सुन्दरम मंदिर में करवा चौथ के अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने श्रद्धा और उल्लास के साथ व्रत रखा तथा विधिवत पूजन कर पारंपरिक कथा का श्रवण किया।
इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लेकर अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना की। मंदिर में पंडित घनश्याम के सानिध्य में पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस दौरान भगवान गणेश, भगवान शिव, माता पार्वती व भगवान षडानन की विधिवत पूजा की गई।
महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार करवा चौथ का पूजन किया। चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करने के बाद महिलाओं ने व्रत खोला और परिवार की सुख-शांति व सुहाग की रक्षा के लिए प्रार्थना की। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। पंडित घनश्याम ने करवा चौथ व्रत की महिमा बताते हुए भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी के संवाद का प्रसंग सुनाया।
उन्होंने वीरवती और उसके सात भाइयों की कथा के माध्यम से व्रत के प्रति श्रद्धा, विश्वास और समर्पण का महत्व समझाया। कथा के अनुसार, वीरवती का व्रत खंडित होने के कारण उसके पति की चेतना चली गई थी। बाद में इंद्राणी की कृपा से उसका व्रत सफल हुआ और उसका पति पुनः स्वस्थ हो गया। भगवान श्रीकृष्ण ने इसी प्रसंग के माध्यम से द्रौपदी को भी श्रद्धापूर्वक व्रत करने की प्रेरणा दी।
पंडित घनश्याम ने कहा कि करवा चौथ भारतीय संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा पर्व है, जो दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और समर्पण का संदेश देता है। श्रद्धालु महिलाओं ने पूरे विधि-विधान और श्रद्धा-भाव से पूजन में भाग लिया। इस अवसर पर सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रहीं।
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