Charkhi Dadri News – जिले के गांव सांवड़ स्थित पंडित मातुराम शर्मा की धर्मशाला में बुधवार को भगवान श्रीराम की रामलीला का भव्य शुभारंभ हुआ। रामलीला के प्रथम दिन राक्षसराज रावण के अत्याचार, देवताओं की भगवान विष्णु से प्रार्थना, राजा दशरथ की संतान प्राप्ति की इच्छा तथा भगवान श्रीराम सहित चारों भाइयों के जन्म की कथा का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति देखकर बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीण मंत्रमुग्ध हो गए और देर रात तक रामलीला का आनंद लेते रहे।
रामलीला का शुभारंभ ब्राह्मण समाज 32 के प्रधान मा. कृष्ण चन्द शर्मा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने रामलीला के संयोजक देवेन्द्र को मंचन की अनुमति प्रदान की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग, कर्तव्य व संस्कारों की प्रेरणा देता है। रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति व भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। प्रथम दिन की लीला में कलाकारों ने दिखाया कि रावण के अत्याचारों से धरती पर हाहाकार मच जाता है। देवता भगवान विष्णु से प्रार्थना करते हैं कि वे अधर्म का नाश करने के लिए पृथ्वी पर अवतार लें। वहीं अयोध्या के राजा दशरथ भी संतान न होने के कारण चिंतित रहते हैं। पुत्रेष्टि यज्ञ के बाद उन्हें चार पुत्रों की प्राप्ति होती है।
भगवान श्रीराम के जन्म का दृश्य आते ही रामलीला स्थल खुशी और भक्ति से भर गया। श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए और कलाकारों की प्रस्तुति पर ग्रामीण झूमते नजर आए। रामलीला का मंचन प्रतिदिन रात 8 बजे से 12 बजे तक किया जाएगा। इस अवसर पर सत्यवीर शर्मा, राजकुमार शर्मा, प्रेम प्रकाश शर्मा, हरगोविन्द शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, राजपाल नम्बरदार, एचसीएस अधिकारी प्रदीप शर्मा, मा. रामधारी शर्मा, लीलू राम, राधेश्याम शर्मा, धर्मवीर शर्मा, हरिकिशन, श्याम लाल, पंच सोना शर्मा, ब्रह्मानन्द ककरवाल, पप्पी शर्मा, बजरंग लाल सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
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