Charkhi Dadri News – ग्राम पंचायत नौरंगाबास जाटान में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सरपंच ने की। इस सभा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को फैमिली आईडी (परिवार पहचान पत्र) में आ रही समस्याओं जैसे कि इनकम कम या ज्यादा होना, जन्मतिथि में त्रुटि और नाम की स्पेलिंग आदि को ठीक करवाने के बारे में विस्तार से चर्चा करना रहा।
पंचायती राज विभाग से पहुंचे ग्राम सचिव महेंद्र सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार यह ग्राम सभा खंड स्तर पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में आयोजित की जा रही है ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जा सके। इसी कड़ी में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के खंड संयोजक दारा सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि भारत सरकार के सेवा संकल्प अभियान के तहत हर गांव में श्जल अर्पण दिवसश् की गतिविधि आयोजित की जा रही है। इसके तहत गांव के जल स्रोतों का पूजन कर सम्मान किया गया। साथ ही जल संकल्प के साथ-साथ जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले जल वीरों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
पर्यावरण प्रेमी बलवीर सिंह मलिक ने पर्यावरण और जल संरक्षण के गंभीर मुद्दे पर ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि आज हमें पानी की बर्बादी और पर्यावरण दोहन पर पूरी तरह नियंत्रण पाने की आवश्यकता है। पानी को व्यर्थ बहाना हमारी सबसे बड़ी भूल है, क्योंकि यदि आज हम नहीं संभले तो आने वाली पीढ़ियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। बलवीर सिंह मलिक ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे हर ग्राम सभा में इस विषय को प्रमुखता से शामिल करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण अपनी दैनिक दिनचर्या को जल संरक्षण के संकल्प के साथ सिंक (जोड़ें) करें, ताकि गांव को स्वस्थ, स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके।
मौके पर सरपंच, ग्राम सचिव, आंगनवाड़ी वर्कर, पंप ऑपरेटर, ग्राम जल सीवरेज समिति के सदस्य बलबीर सिंह सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
गांव कादमा में 73 वर्षीय गोल्डराम स्वामी के आकस्मिक निधन पर पहुंचे पर्यावरण प्रेमी बलवीर सिंह मलिक ने समाज में बढ़ती मिलावटखोरी पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आजकल फल, सब्जियां और अनाज तो रासायनिक केमिकल से तैयार हो ही रहे हैं, लेकिन अब जीवन रक्षक दवाइयों में भी बहुत ज्यादा मिलावट देखने को मिल रही है। अधिक मुनाफे के लालच में मार्केट में नकली व मिलावटी दवाइयां बेचने की होड़ लगी हुई है, जिससे ओरिजिनल दवाइयों पर भी भरोसा करना नामुमकिन हो गया है।
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