Charkhi Dadri – एसडीएम डा विरेन्द्र व आशीष सांगवान ने लघु सचिवालय के हाल में जिला में हो रहे अवैध खनन की रोकथाम के लिए जिला खनन समिति की बैठक ली। बैठक में पुलिस, खनन, आरटीओ व फोरेस्ट विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अवैध खनन की गतिविधियों पर नजर रखें और निरंतर चेकिंग कर अवैध खनन पर रोक लगाएं। सरकार को माइनिंग से दो माह के दौरान 71 करोड़ 36 लाख 14 हजार 836 रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि अवैध खनन पर रोक लगाएं। ऐसे में प्रशासन के संबंधित विभागों के अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वे अवैध खनन रोकने में अपनी ड्यूटी अच्छी तरह से निभाएं। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी यदि आपसी तालमेल से कार्य करें तो अवश्य ही अवैध खनन पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन में पकड़े गए वाहनों के चालान कर उन्हें जब्त किया जाए और वाहन मालिकों के खिलाफ भी उचित कार्यवाही अमल में लाई जाए। इसी प्रकार फर्जी ई-रवाना की पूरी जांच की जाए और अवैध खनन में संलिप्त व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर अवश्य दर्ज कर वाहन को जब्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन में पकड़े गए व्यक्ति व वाहन के सभी दस्तावेज अच्छी तरह चेक कर लें ताकि सही दस्तावेज न होने पर उसके खिलाफ कार्यवाही करने में किसी प्रकार की परेशानी न हों। समीक्षा बैठक में असिस्टेंट माईनिंग इंजीनियर अनिल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में खनन गतिविधियों में सरकार को जुलाई व अगस्त माह में 71 करोड 36 लाख 14 हजार 826 रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है और अवैध खनन व अवैध खनिज परिवहन गतिविधियों में संलिप्त 11 वाहनों को सीज किया गया। वर्तमान में जिले में 7 माइनिंग चालू हैं।
उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अवैध खनन से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। अपने-अपने क्षेत्र में नियमित गस्त करें व पूर्ण रूप से अवैध खनन पर पाबंदी लगाए और पकड़े गए वाहनों के चालान कर सख्त कार्यवाही अमल में लाए। जिस विभाग के अधिकारी अवैध खनन में लिप्त वाहन को पकड़ते है, उस वाहन के खिलाफ विभाग के नियमों के अनुसार चालान करें। जब भी अवैध खनन में लिप्त वाहन का चालान किया जाए तो उसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को अवश्य दें और उसकी जानकारी उनके कार्यालय में भी भिजवाए।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संवेदनशील नाकों पर पुलिस फोर्स बढ़ाई जाए। इसके साथ-साथ मोबाइल टीम की गतिविधियों को भी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपसी तालमेल की कमी है उसे दूर कर एक दूसरे अधिकारी को सहयोग करें और बैठक में आने से पूर्व सभी पुलिस अधिकारी अपने अपने क्षेत्र से संबंधित जानकारी के साथ आए ताकि तथ्यों की सही व सटीक जानकारी मिल सकें। संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा व ईमानदारी से करें और अपने कार्य में किसी प्रकार की कोताही बरतें। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खनन से जुड़े मामलों की रिपोर्ट सही तथ्यों के आधार पर भेजे।
उन्होंने प्रदूषण व सेल्स टैक्स विभाग को भी बंद पड़े स्टोन क्रेशरों/ स्क्रीन प्लांटों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करने के आदेश दिए। संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी यदि आपसी तालमेल से कार्य करें तो काफी हद तक अवैध खनन को रोका जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टोन क्रेशर के स्टाफ आदि की नियमित जांच की जाए। इस दौरान डीएसपी धीरज, सजय यादव, हेमंत पारिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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