Charkhi Dadri News – प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने चरखी दादरी स्थित विश्राम गृह में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
इस अवसर पर बाढड़ा के विधायक उमेद पातुवास तथा भाजपा जिलाध्यक्ष राष्ट्रदीप परमार,जिला प्रभारी शैलेन्द्र पांडेय भी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन तरफ से एसडीएम डॉ विरेन्द्र सिंह एवं जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेन्द्र चौधरी ने पुष्पगुच्छ देकर कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस, राहुल गांधी और समूचे विपक्ष पर देश में झूठ, भ्रम और अराजकता फैलाने का कड़ा आरोप लगाया।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि जब भी देश में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ बात होती है, पूरा विपक्ष संसद से वॉकआउट कर जाता है। उन्होंने बताया कि संसद में घुसपैठ के मुद्दे पर 200 से अधिक बार वॉकआउट किया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि विपक्ष घुसपैठियों को अपना वोट बैंक मानकर उन्हें बचाने की राजनीति कर रहा है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पूरी तरह पारदर्शी
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक और पारदर्शी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में सभी दलों के करीब 35 लाख बीएलओ-2 कार्यकर्ता और 11 लाख सरकारी अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। कांग्रेस के भी 8 लाख से अधिक कार्यकर्ता इसमें थे। उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि जब 18 वर्ष के युवाओं के नाम जोड़े गए और मृतकों या पलायन कर चुके लोगों के नाम काटे गए, तो विपक्ष इसे वोट चोरी बताकर जनता को गुमराह कर रहा है।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सवाल उठाया कि यदि वोट चोरी हुए, तो क्या पोलिंग बूथों पर बैठे विपक्षी एजेंट गद्दार थे या किराए के लोग थे।विपक्ष ने अपने ही एजेंट्स पर आज तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
ईवीएम पर विपक्ष का दोहरा रवैया और अंतरराष्ट्रीय साजिश का आरोप
ईवीएम पर विपक्ष के रुख बोलते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा वर्ष 2004 और 2009 में जब कांग्रेस जीती, तब ईवीएम पूरी तरह सही थी।
वर्ष 2014, 2019 और 2024 में जब देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रचंड जनादेश दिया तो विपक्ष पुनः ईवीएम को दोष देने लगा।
उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि जब चुनाव आयोग ने तीन दिन की खुली चुनौती देकर ईवीएम में कमी साबित करने को कहा था तब विपक्ष का एक भी प्रतिनिधि वहां नहीं पहुंचा। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता में न आ पाने के कारण विपक्ष अब विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश में ‘रिजीम चेंज’ और अराजकता का नैरेटिव गढ़ने की नाकाम कोशिश कर रहा है।
प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने संवैधानिक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 1952 से लेकर 2002-03 तक कई बार मतदाता सूचियों का गहन पुनरीक्षण हो चुका है। जो पहले भी कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में अपनाया जाता रहा है।
संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग को सौंपी गई है, वहीं अनुच्छेद 325 और 326 भी मतदाता सूची और मताधिकार के महत्वपूर्ण संवैधानिक आधार हैं।
विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर का उद्देश्य किसी पात्र नागरिक को मताधिकार से वंचित करना नहीं बल्कि फर्जी मतदाताओं, स्थानांतरित लोगों और अवैध घुसपैठियों की पहचान कर सूची को शुद्ध करना है।
प्रेस वार्ता के दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कांग्रेस को आत्ममंथन और जनादेश का सम्मान करने की सलाह दी अपनी राजनीतिक विफलताओं का ठीकरा चुनाव आयोग और ईवीएम पर फोड़ने के बजाय उसे अपने नेतृत्व और नीतियों पर आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है और सभी राजनीतिक दलों को जनादेश का सम्मान करते हुए देशहित में चुनावी सुधारों का समर्थन करना चाहिए। प्रेस वार्ता के बाद शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की।इस दौरान , दीपक पातुवास, प्रदीप सांगवान, जिला उपाध्यक्ष व पूर्व सरपंच जगदीश, कोषाध्यक्ष रवि गर्ग बवानिया, ओमबीर महराना, एडवोकेट वितिन सांगवान,पूर्व सरपंच ढाणी फौगाट मनदीप सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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