Charkhi Dadri News – श्री कृष्ण लीला कमेटी के तत्वावधान में पुराना बस स्टैंड परिसर में चल रही रासलीला के चतुर्थ दिवस वृंदावन से पधारे मुकेश चंद्र तिवारी (ठाकुर जी) की मंडली द्वारा भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी के गंधर्व विवाह तथा माखन चोरी की लीला का भावपूर्ण एवं सजीव मंचन किया गया। लीला के दौरान श्रद्धालु भक्ति और भाव के रंग में सराबोर नजर आए। मंचन में दिखाया गया कि भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का प्रेम केवल सांसारिक प्रेम नहीं, बल्कि प्रेम, आत्मिक मिलन, समर्पण और भक्ति का पवित्र प्रतीक है।
जगतपिता ब्रह्मा जी द्वारा पुरोहित बनकर राधा-कृष्ण का विवाह संपन्न करवाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इस दृश्य ने दर्शकों को यह संदेश दिया कि जहां प्रेम में स्वार्थ का स्थान नहीं होता, वहां समर्पण और श्रद्धा उसे दिव्यता प्रदान करते हैं। वहीं दूसरी ओर कान्हा की बाल लीलाओं में माखन चोरी का मनोहारी प्रसंग प्रस्तुत किया गया। भगवान श्रीकृष्ण बाल सखाओं के साथ गोकुल की गोपियों के घर पहुंचकर माखन चुराते और मटकी फोड़ देते हैं। गोपियां कान्हा की शिकायत लेकर यशोदा मैया के पास पहुंचती हैं और कहती हैं कि उनका लल्ला घर-घर जाकर माखन खा जाता है। इस पर यशोदा मैया कान्हा को डांटती हैं। कान्हा की भोली मुस्कान और बाल सुलभ चंचलता देखकर पूरा वातावरण हास्य, उल्लास और भक्ति से भर जाता है।
प्रधान फूलचंद सोनी ने कहा कि रासलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और लीलाओं के माध्यम से प्रेम, भक्ति, संस्कार, करुणा और सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। श्री राधा-कृष्ण का प्रेम हमें निस्वार्थ भाव से प्रेम और समर्पण करना सिखाता है, जबकि कान्हा की बाल लीलाएं जीवन में सरलता, आनंद और निश्छलता बनाए रखने की प्रेरणा देती हैं। भावपूर्ण मंचन देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। लीला के समापन पर भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी की आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर शमशेर वर्मा दिल्ली, महावीर कौशिक, ब्रह्मानंद शर्मा, कर्मवीर डिगलिया, मुकेश सोनी झींगा, नरेश मित्तल, मुकेश ठुकराल, वेदपाल जाखड़, नितिन जांघू, रामविलास जांगड़ा, शिवकुमार जिंदल सहित कमेटी के अन्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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