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Charkhi Dadri News : चरखी दादरी पुलिस की अपील बैंक OTP किसी से शेयर न करें | साइबर फ्रॉड रोकने के लिए डाउनलोड करें ‘अभेद्य ऐप’

Charkhi Dadri News : चरखी दादरी पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार ने नागरिकों को “डुअल ओटीपी सिस्टम” तथा साइबर अपराधों एवं डिजिटल गिरफ्तारी से बचाव के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा कवच “अभेद्य ऐप” के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक को तकनीकी रूप से सतर्क और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि “डुअल ओटीपी सिस्टम” साइबर सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस प्रणाली के तहत बैंकिंग या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान केवल एक ओटीपी पर निर्भर न रहकर अतिरिक्त सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाती है।

इससे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति द्वारा बैंक खाते तक पहुंच बनाना कठिन हो जाता है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने बैंक खातों, ईमेल आईडी, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर टू-फैक्टर अथवा डुअल ओटीपी सिस्टम को सक्रिय अवश्य करें।

इससे साइबर अपराधियों द्वारा अकाउंट हैक करने या धनराशि निकालने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।

उन्होंने बताया कि आजकल साइबर ठग बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी, कस्टम विभाग या अन्य सरकारी एजेंसियों के नाम पर फर्जी कॉल कर लोगों को डराकर डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाते हैं।

इसके माध्यम से अपराधी लोगों से बैंक खातों की जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन तथा अन्य गोपनीय सूचनाएं प्राप्त कर उनके खातों से पैसे निकाल लेते हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा फोन या वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को डिजिटल रूप से गिरफ्तार नहीं किया जाता।

यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की धमकी देता है तो तुरंत सतर्क होकर इसकी सूचना पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से बचाव के लिए “अभेद्य ऐप” जारी किया गया है, जो आमजन के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रहा है।

इस ऐप के माध्यम से नागरिकों को साइबर ठगी, फर्जी कॉल, फेक लिंक, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड तथा अन्य साइबर अपराधों से बचने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई जाती है।

इसके अतिरिक्त ऐप में साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करवाने, जागरूकता सामग्री देखने तथा सुरक्षा संबंधी सुझाव प्राप्त करने की सुविधा भी दी गई है।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों को लालच, भय या जल्दबाजी में फंसाकर ठगी को अंजाम देते हैं।

इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, मोबाइल पर आए किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल पर भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

यदि कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी बनकर खाते से संबंधित जानकारी मांगता है तो तुरंत सावधान हो जाएं, क्योंकि बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड नहीं मांगते।

पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों, व्यापारियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा युवाओं से विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर बुजुर्गों और तकनीकी जानकारी कम रखने वाले लोगों को आसानी से निशाना बनाते हैं।

इसलिए परिवार के सभी सदस्य अपने बुजुर्गों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक करें तथा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।

उन्होंने बताया कि चरखी दादरी पुलिस द्वारा लगातार स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों, गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाई जा सके।

पुलिस विभाग का उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक कर अपराध होने से पहले ही रोकना भी है।

उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

किसी भी प्रकार की साइबर ठगी, डिजिटल गिरफ्तारी या संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस थाना में संपर्क करें तथा “अभेद्य ऐप” का अधिक से अधिक उपयोग कर स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।

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