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Charkhi Dadri – स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम! POCSO Act पर चरखी दादरी में बड़ा जागरूकता कार्यक्रम,

Charkhi Dadri – माननीय श्री देशराज चालिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चरखी दादरी के कुशल मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चरखी दादरी द्वारा दिनांक 20.08.2026 को मिनी सचिवालय, चरखी दादरी स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल नं. 02 में “यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012 – POCSO Act)” के संबंध में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला/प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री संजीव काजला, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चरखी दादरी द्वारा की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला चरखी दादरी के विभिन्न विद्यालयों में संचालित Legal Literacy Clubs के इंचार्जों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने, उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा विद्यालय स्तर पर POCSO Act के प्रभावी प्रचार-प्रसार हेतु Legal Literacy Club Incharges को प्रशिक्षित करना था।

इस अवसर पर सुश्री दिव्या गोयल, पैनल अधिवक्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चरखी दादरी ने बतौर Resource Person प्रतिभागियों को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) के विभिन्न प्रावधानों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों, अच्छे एवं बुरे स्पर्श की पहचान, ऐसे अपराधों की रिपोर्टिंग की प्रक्रिया, पीड़ित बच्चों के अधिकारों तथा कानून के अंतर्गत उपलब्ध संरक्षण एवं सहायता के संबंध में महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम के दौरान श्री संजीव काजला, सीजेएम-सह-सचिव, DLSA, चरखी दादरी ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों एवं कानून द्वारा प्रदान किए गए संरक्षण के बारे में जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने Legal Literacy Clubs के माध्यम से विद्यालयों में विद्यार्थियों को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) के प्रावधानों के बारे में सरल एवं प्रभावी तरीके से जागरूक करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ किसी प्रकार का यौन अपराध या शोषण होता है, तो उसकी जानकारी को छिपाने के बजाय संबंधित प्राधिकारी को सूचित करना तथा बच्चे को आवश्यक कानूनी एवं मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध करवाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने Legal Literacy Club Incharges से आह्वान किया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी प्रदान करें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिला पुलिस अधिकारियों, बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई तथा Legal Literacy Clubs से संबंधित प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, उनकी सुरक्षा तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित हितधारकों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया गया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त कानूनी जानकारी को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाएं तथा बच्चों के लिए सुरक्षित, जागरूक एवं भयमुक्त वातावरण तैयार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चरखी दादरी द्वारा बच्चों के अधिकारों एवं उनके संरक्षण के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

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