Charkhi Dadri News – समाजसेवी धर्मचन्द ने गोहत्या पर रोक लगाने तथा इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के कथित ऐतिहासिक फैसले को प्रभावी ढंग से लागू करवाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है।
पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजते हुए उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में गोहत्या से जुड़े मामलों पर संज्ञान लेने की अपील की है। धर्मचन्द ने अपने पत्र में सर्वोच्च न्यायालय के 26 अक्टूबर 2005 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि गोवंश की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिन राज्यों में गोहत्या के मामले सामने आ रहे हैं, वहां के मुख्य सचिवों से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की जाए तथा सरकार की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाए।
उन्होंने कहा कि गोमाता की रक्षा और अहिंसा के सिद्धांतों का पालन करना समाज और शासन दोनों की जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि इतने वर्षों बाद भी यदि देश के कुछ हिस्सों में गोहत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं तो इस विषय पर गंभीरता से विचार करने और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
समाजसेवी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि उनके पत्र पर संज्ञान लेकर संबंधित राज्यों से जवाब मांगा जाए और उन्हें भी कार्रवाई की स्थिति से अवगत करवाया जाए। उन्होंने पत्र में यह भी कहा है कि यदि उन्हें इस संबंध में जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई तो वे दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
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