Charkhi Dadri News – पुराना बस स्टैंड स्थित श्रीकृष्ण लीला कमेटी के तत्वावधान में 28 सितंबर से 8 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही श्रीकृष्ण रासलीला के दूसरे दिन वृंदावन से पधारे मुकेश चंद्र तिवारी ठाकुर जी की मंडली ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और पूतना वध की कथा का भावपूर्ण एवं मनमोहक मंचन किया। श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग शुरू होते ही पूरा रासलीला परिसर जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्तिमय वातावरण में भाव-विभोर नजर आए।
रासलीला के दौरान कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा को जीवंत करते हुए बताया कि जब कंस के अत्याचारों से धरती पर अधर्म बढ़ने लगा और देवकी-वसुदेव सहित मथुरा की प्रजा उसके अत्याचारों से त्रस्त हो गई, तब भगवान विष्णु ने धर्म की पुनसर््थापना और अत्याचार के अंत के लिए श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया। कारागार में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही दिव्य वातावरण का निर्माण हुआ। वसुदेव भगवान बाल श्रीकृष्ण को यमुना पार कर गोकुल ले गए, जहां नंद बाबा और यशोदा के घर उनके आगमन से आनंद छा गया। इसके बाद पूतना वध का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
कंस के आदेश पर बाल कृष्ण का वध करने पहुंची पूतना ने छलपूर्वक उन्हें विषपान कराने का प्रयास किया, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने उसके प्राण हर लिए। इस प्रसंग के माध्यम से संदेश दिया गया कि अधर्म चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है। श्रीकृष्ण लीला कमेटी के प्रधान फूल चंद सोनी ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि रासलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धर्म और जीवन मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। अंत में भगवान श्रीकृष्ण की आरती की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर शमशेर वर्मा दिल्ली, महावीर कौशिक, ब्रह्मानंद शर्मा, कर्मवीर डिगलिया, मुकेश सोनी झींगा, नरेश मित्तल, मुकेश ठुकराल, वेदपाल जाखड़, रामविलास जागड़ा सहित कमेटी के अन्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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