Charkhi Dadri News – हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की लंबित मांगों और अधिकारियों के कथित तानाशाहीपूर्ण रवैये के विरोध में कर्मचारी संगठनों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। हिसार डिपो में करीब 100 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन और प्रशासन की ओर से समाधान की पहल नहीं होने के चलते कर्मचारियों ने दोबारा अनिश्चितकालीन बंद का निर्णय लिया है।
वहीं, हिसार के कर्मचारियों के समर्थन में सिरसा डिपो को भी बंद कर दिया गया है। हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मांगों का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश के अन्य डिपो भी क्रमवार बंद किए जाएंगे। हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ 0644 के राज्य प्रवक्ता सुधीर अहलावत दुजाना ने संगठन अध्यक्ष जगदीप लाठर, महासचिव चमन स्वामी,
कार्यकारी महासचिव संदीप रंगा व राज्य सचिव दीपक हुड्डा के साथ जारी बयान में कहा कि हिसार डिपो में कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। महाप्रबंधक के कथित अडि़यल रवैये और अधिकारियों की उदासीनता के कारण कर्मचारियों में भारी रोष है। उनका आरोप है कि बार-बार आंदोलन और आश्वासन के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते कर्मचारियों को काम बंद करने जैसा कदम उठाना पड़ा।
मोर्चा पदाधिकारियों ने बताया कि हिसार और सिरसा डिपो में कर्मचारियों का टीए बकाया, एलटीसी बिलों का भुगतान, एसीपी के लंबित मामलों का निपटारा, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा अधिकारियों की जवाबदेही सहित कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तीन-तीन साल तक उनकी देय राशि और सेवा संबंधी मामलों का समाधान नहीं होता तो उनके सामने आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
सुधीर अहलावत ने हरियाणा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि 8 सितंबर को परिवहन मंत्री अनिल विज व सरकार के साथ हुई बैठक में मोर्चे की मांगों पर सहमति और समाधान के लिए समय मांगा गया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोडवेज कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के बजाय निजीकरण को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा रोडवेज प्रदेश की आम जनता, विशेषकर गरीब और ग्रामीण आबादी के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है। इसे कमजोर करने का प्रयास किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों का उद्देश्य जनता को परेशान करना नहीं है, लेकिन लंबे समय से लंबित अधिकारों और आर्थिक देयताओं की अनदेखी के चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
संगठन ने ऐलान किया कि मांगों का स्थायी समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके साथ ही 5 व 6 नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल का आह्वान करते हुए सभी रोडवेज कर्मचारियों, कर्मचारी संगठनों और सामाजिक संगठनों से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। मोर्चा प्रवक्ता ने कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता ही इस संघर्ष की ताकत है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, अभी तो अंगड़ाई ली है, आगे और लड़ाई है।
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