Charkhi Dadri News – महर्षि वाल्मीकि जी ने महाकाव्य रामायण के माध्यम से समाज को आदर्श जीवन, रिश्तों की मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।उनकी शिक्षाएं हमें जाति, वर्ण और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता, समानता और परस्पर सम्मान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर ही न्याय, समानता और सामाजिक सद्भाव पर आधारित सशक्त एवं संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सकता है।
Charkhi Dadri News – यह बात विधायक उमेद पातुवास ने सोमवार को लघु सचिवालय सभागार में महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही।उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जी को नमन करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया और कहा कि भारत ऋषि-मुनियों, संतों और महापुरुषों की धरती है। महर्षि वाल्मीकि जी का साहित्य और जीवन दर्शन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो पीढय़िों को सत्य, मर्यादा, मानवता और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
उनकी शिक्षाएं समाज में भाईचारे, समानता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का आधार हैं। वाल्मीकि समाज ने भी हमेशा राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई है। समाज के योगदान और उसकी गौरवशाली विरासत का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। वर्तमान समय में जहां रिश्तो को लेकर खटास पैदा हो रही है और सामाजिक ताना-बाना टूट रहा है ऐसे में पवित्र ग्रंथ रामायण से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार महापुरुषों की शिक्षाओं और उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे और समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
हरियाणा सरकार अनुसूचित जातियों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। अनुसूचित जातियों के योगदान का सम्मान करने और समाज के वंचित वर्गों को आगे बढऩे के समान अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सरकार ने अनुसूचित जातियों के आरक्षण में वर्गीकरण किया है। इसके साथ ही अनुसूचित जातियों के कल्याण और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया गया है।
सफाई कर्मचारियों के हितों और उनके कल्याण को ध्यान में रखते हुए हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी कल्याण आयोग का भी गठन किया गया है। सरकार का प्रयास है कि समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों को शिक्षा, रोजगार तथा आर्थिक सहायता के माध्यम से सशक्त बनाया जाए।
इसी दिशा में सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती के दौरान वंचित अनुसूचित जातियों के उम्मीदवारों के लिए 10 प्रतिशत कोटा आरक्षित किया गया है, ताकि उन्हें रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें और वे आत्मनिर्भर बनकर प्रदेश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाएं और पात्र व्यक्तियों को उनका लाभ लेने के लिए जागरूक करें।
कार्यक्रम नगर परिषद के चेयरमैन बख्शीराम सैनी, सीटीएम सुरेश कुमार, कल्याण अधिकारी नरेंद्र, पार्षद विनोद वाल्मीकि, नवीन प्रजापति, विनोद सिंहमार सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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