Charkhi Dadri News – श्राद्ध पक्ष की सर्वपितृ अमावस्या के पावन अवसर पर घिकाड़ा रोड स्थित हरिओम आश्रम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच भजन-कीर्तन संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजनों के माध्यम से ईश्वर का गुणगान किया तथा अपने पितरों को श्रद्धापूर्वक स्मरण कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। आश्रम परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा और श्रद्धालुओं ने सुख-शांति, समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर फैम के जिला अध्यक्ष जयभगवान मस्ताना ने सर्वपितृ अमावस्या के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्राद्ध पक्ष केवल पितरों को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और पारिवारिक संस्कारों को संजोने का पर्व भी है। हमारे पूर्वजों के त्याग, तपस्या और दिए गए संस्कारों से ही परिवार तथा समाज की नींव मजबूत होती है। इसलिए उनका स्मरण करना और उनके बताए आदर्शों पर चलना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता, गुरुजनों और पूर्वजों के प्रति सम्मान को विशेष स्थान दिया गया है।
पितरों के प्रति सच्ची श्रद्धा केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके संस्कारों को अपने आचरण में अपनाना, जरूरतमंदों की सहायता करना, बुजुर्गों का सम्मान करना तथा मानवता की सेवा करना भी इसका महत्वपूर्ण स्वरूप है। भक्ति तभी सार्थक होती है, जब उससे मन में विनम्रता, करुणा और सदाचार की भावना जागृत हो। कार्यक्रम में धर्मा देवी, सुशीला शर्मा, कृष्णा शर्मा, माया शर्मा, सीमा शर्मा, सुनीता शर्मा, उर्मिला शर्मा, बाला शर्मा, बिमला, सुलोचना, प्रकाश, रचना एम.सी., संतोष, शकुंतला, रीटा, प्रेम, सरोज, सरोज गोयल, कौशल्या, कमलेश सैनी, सरला, अनिता, समिता, मंजू, लक्ष्मी, गीता, मोनिका, मीरा सैनी सहित सैकड़ों महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। अंत में प्रसाद वितरित किया गया।
Read More….
चरखी दादरी मंडी से बड़ी खबर! बाजरा बेचने वाले किसान जरूर देखें
