Charkhi Dadri News – विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संजीव काजला ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश-कम-चेयरमैन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देशराज चालिया के मार्गदर्शन में शनिवार 12 सितंबर 2026 को न्यायिक न्यायालय परिसर चरखी दादरी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की ओर से गठित पांच बेंचों में पीठासीन अधिकारी केसों की सुनवाई करेंगे और दोनों पक्षों की आपसी सहमति से लंबित केसों का निपटारा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल एवं सुचारू संचालन के लिए पांच बेंचों का गठन किया गया है। इन बेंचों में विभिन्न प्रकार के लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों को आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर निपटाने के लिए सुनवाई की जाएगी। बेंच नंबर-1 में पीठासीन अधिकारी के रूप में सतीश कुमार, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश को नियुक्त किया गया है। इस बेंच द्वारा संबंधित न्यायालय के मामलों का निपटारा किया जाएगा।
बेंच नंबर-2 में पीठासीन अधिकारी के रूप में तरणजीत कौर, प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय को नियुक्त किया गया है। इस बेंच द्वारा पारिवारिक न्यायालय से संबंधित मामलों का निपटारा किया जाएगा। बेंच नंबर-3 में पीठासीन अधिकारी के रूप में परवीन, सिविल जज सीनियर डिवीजन-कम-एसीजेएम को नियुक्त किया गया है। इस बेंच द्वारा संबंधित न्यायालयों के लंबित मामलों का निपटारा किया जाएगा। बेंच नंबर-4 में पीठासीन अधिकारी के रूप में लक्ष्य गर्ग, जेएमआईसी को नियुक्त किया गया है। इस बेंच द्वारा विशेष रूप से धारा 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम चेक बाउंस सहित संबंधित मामलों का निपटारा किया जाएगा। बेंच नंबर-5 में पीठासीन अधिकारी के रूप में रजत अरोड़ा, सिविल जज जूनियर डिवीजन-कम-जेएमआईसी को नियुक्त किया गया है। इस बेंच द्वारा संबंधित न्यायालयों के मामलों के साथ-साथ चरखी दादरी, बाढड़ा, बौंद कलां एवं झोझू कलां ब्लॉक से संबंधित बैंक रिकवरी के प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सिविल, क्रिमिनल कंपाउंडेबल, बैंक रिकवरी, एमएसीटी (मोटर दुर्घटना दावा), वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस, प्री-लिटिगेशन तथा अन्य आपसी समझौते योग्य मामलों को निपटारे के लिए लिया जाएगा। लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों की आपसी सहमति से मामलों का शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान करवाना है, जिससे पक्षकारों के समय एवं धन की बचत हो सके।
इसके अलावा राजस्व एवं म्यूटेशन दाखिल-खारिज से संबंधित मामलों के अधिक से अधिक निपटारे के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। संबंधित अधिकारियों को लोक अदालत के माध्यम से अधिकतम संभव राजस्व एवं म्यूटेशन मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को उनके विवादों का शीघ्र एवं सुलभ समाधान उपलब्ध करवाना है।
सचिव ने बताया कि आम जनता की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है, वहां तैनात पैनल रिटेनर द्वारा लोगों को लोक अदालत में लिए जाने वाले मामलों की जानकारी देने के साथ-साथ आवश्यक कागजी कार्रवाई एवं प्रक्रिया के संबंध में व्यक्तिगत रूप से सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। सचिव ने आमजन से अपील की कि यदि उनका कोई मामला लोक अदालत में समझौते के माध्यम से निपटाया जा सकता है, तो वे राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं और आपसी सहमति से अपने विवादों का शीघ्र समाधान करवाएं।
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