Charkhi Dadri News – पशुपालन विभाग जिला में लम्पी बीमारी की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए पूरी तरह से सर्तक है और विभाग की ओर से लगातार मानिटरिंग की जा रही है। विभाग ने पशुपालकों के लिए बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर एडवाइजरी जारी की है।
इस बीमारी से ग्रसित पशुओं को अलगाव देना चाहिए। बीमार या संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग करें। बुखार या गांठदार त्वचा रोग के संदिग्ध किसी भी नए जानवर को स्वस्थ फार्म या बाड़े में न लाएं। प्रभावित क्षेत्रों और गांवों में संक्रमित पशुओं के लिए साझा चराई और सीधे संपर्क को रोकें। प्रभावित क्षेत्रों में मक्खियों, मच्छरों, चिचडिय़ों और मिज की आबादी कम करने के प्रयास करें। स्वस्थ पशुओं के शरीर पर कीट-रोधक लगाएं ताकि बीमारी फैलने से रोकी जा सके। प्रभावित क्षेत्रों से स्वस्थ क्षेत्रों में और स्थानीय पशु बाजारों में पशुओं की आवाजाही पर सख्त नियंत्रण रखें। बीमारी की पुष्टि होने पर मवेशियों के व्यापार, पशु मेलों और प्रदर्शनियों में भाग ना लें।
विभाग की ओर से संक्रमण के मुख्य केंद्र बिंदु के 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी पशु बाजारों को बंद करने का भी निर्णय लिया गया है। प्रभावित परिसरों, उपकरणों, कर्मियों और वहां से गुजरने वाले वाहनों की सफाई और कीटाणुशोधन के लिए ईथर 20 प्रतिशत घोल, क्लोरोफॉर्म आवश्यक मात्रा अनुसार, फॉर्मेलिन 1 प्रतिशत घोल, फिनोल 2 प्रतिशत घोल (कम से कम 15 मिनट संपर्क समय), सोडियम हाइपोक्लोराइट 2 प्रतिशत से 3 प्रतिशत घोल, आयोडीन यौगिक 1-33 अनुपात का घोल व क्वाटरनरी अमोनियम यौगिक 0.5 प्रतिशत घोल का उपयोग करना चाहिए।
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