चरखी दादरी में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बिना पंजीकरण के खुद को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) विशेषज्ञ बताने पर स्थानीय प्राइवेट अस्पताल पर एफआईआर दर्ज की गई है।
कैसे हुआ खुलासा?
कुछ दिनों पहले एक अखबार में छपा पोस्टर पूरे मामले की जड़ बना। पोस्टर में उपकार अस्पताल के डॉक्टर सुशील डागर ने खुद को “एमटीपी विशेषज्ञ” बताते हुए लोगों को सेवा देने की जानकारी साझा की थी। यही नहीं, पोस्टर में “प्रधानमंत्री गर्भवती महिला सुरक्षा अभियान” के नाम पर भी दावा किया गया था, जबकि ऐसा कोई प्रोग्राम असल में चल नहीं रहा है।
जांच में उजागर हुई सच्चाई
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने इस भ्रामक प्रचार का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को जांच के आदेश दिए। जांच पड़ताल में सामने आया कि अस्पताल में लगे बोर्ड और ओपीडी कार्ड पर अस्पताल को “सरकारी मान्यता प्राप्त एमटीपी सेंटर” दर्शाया गया है, जबकि सिविल सर्जन कार्यालय में अस्पताल का कोई पंजीकरण ही नहीं मिला।
एमटीपी नोडल अधिकारी डॉ. उदयभान शर्मा की रिपोर्ट के आधार पर थाना शहर पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
प्रशासन का संदेश
डीसी ने साफ किया है कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना लाइसेंस या पंजीकरण के सेवाएं देने वाले संस्थानों पर यही कार्रवाई दोहराई जाएगी।
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Charkhi Dadri :- परिवार का रो रो कर बुरा हाल, मां के साथ दवाईयां लेने गया था बेटा, फिर जो हुआ..https://www.facebook.com/share/v/1GauWwLWhj/