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Charkhi Dadri News : सरकारी लैब बंद होने से किसानों पर बढ़ा खर्च, निजी जांच पर निर्भरता….

Charkhi Dadri News : चरखी दादरी। नई अनाज मंडी में सरसों बेचने आए किसानों को गुणवत्ता जांच के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्केट कमेटी कार्यालय में स्थापित सरकारी लैब की मशीनें करीब एक साल से खराब पड़ी हैं, जिसके चलते किसानों को निजी लैब में जांच करवानी पड़ रही है। लैब में ऑपरेटर की भी नियुक्ति नहीं है, जिससे वहां रखे उपकरण उपयोग में नहीं आ पा रहे।

जांच रिपोर्ट के बिना नहीं होती खरीद

मंडी में सरसों की खरीद लैब से मिलने वाली गुणवत्ता रिपोर्ट के आधार पर की जाती है। सरकारी लैब बंद होने के कारण अब यह प्रक्रिया निजी लैब पर निर्भर हो गई है। निजी लैब संचालक प्रति सैंपल लगभग 100 रुपये शुल्क ले रहे हैं। इन दिनों रोजाना सैकड़ों किसान जांच के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

रखरखाव के अभाव में खराब हो रहे उपकरण

सरकारी लैब में लगी महंगी मशीनें लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण खराब हो चुकी हैं। किसानों और आढ़तियों का कहना है कि समय पर मरम्मत करवाई जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। लैब में पहले सरसों के साथ अन्य फसलों की भी जांच होती थी, लेकिन फिलहाल मशीनें बंद होने से सभी कार्य प्रभावित हैं।

लैब शुरू कराने की मांग

आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मोहन लाल मकड़ानिया ने बताया कि पहले किसान लैब में अपनी फसल की जांच करवा कर लाभ उठाते थे, लेकिन अब उन्हें निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरसों में तेल की मात्रा की जांच के लिए निजी लैब में शुल्क देना किसानों पर अतिरिक्त बोझ है। इस संबंध में मार्केट कमेटी सचिव से लैब शुरू कराने की मांग की गई है।

अधिकारियों का पक्ष

मार्केट कमेटी सचिव विजय कुमार के अनुसार, लैब के उपकरण खराब हैं और उन्हें ठीक करवाने के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मैकेनिक आकर मशीनों को दुरुस्त करेगा, जिसके बाद किसान दोबारा सरकारी लैब की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

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