उपरोक्त घटना यमुनानगर की है जहां एक दादी पोता घूम रहे थे और दादी को स्थानीय लोगों ने बच्चा चोर समझ लिया और लगभग डेढ़ से दो घंटे बाद उसे घेर कर रखा,फिर पुलिस को सूचना दी,मामला सिटी थाना पुलिस तक जा पहुंचा।पुलिस ने आकर महिला और बच्चा दोनों को ही हिरासत में लिया और अपने साथ थाने ले गई।
पुलिस ने संबंधित मामले की गंभीरता को देखते हुए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम भी थाने में बुला ली। जहां CWC की जांच में पाया गया कि बच्चा वास्तव में उस महिला का पोता था।मामले में सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने महिला को रिहा कर दी।
बोली पीड़ित महिला,मेरा पोता है
यह पूरा मामला रेलवे रोड पर का है। जहां एक महिला एक वर्षीय बच्चे के साथ घूम रही थी।और एक स्थानीय दुकानदार को महिला पर शक हुआ उसने महिला को रोक लिया और आसपास के और दुकानदारों को भी बुला लिया।
दुकानदारों के अनुसार,महिला ने शराब का सेवन कर रखा था,बच्चे के बारे में पूछने पर वह ठीक से जवाब देने में असमर्थ थी।महिला कहती रही कि वह बच्चा उसका पोता है और उसकी बहु की मृत्युपरांत वह ही अपने पोते को पाल रही है।
थाने में CWC की टीम ने महिला से प्रश्न किया।परिजनों को बुलाया और दोनों दादी पोते के आधार कार्ड की जांच की जिसमें यह पुष्टि हुई कि उपरोक्त बच्चा सच में महिला का ही पोता है और उस महिला का नाम पता नोट कर उसे रिहा कर दिया गया।
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