Charkhi Dadri News – शिक्षा भारती उच्च विद्यालय रानीला में अध्यापक-अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक व शैक्षणिक विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान विद्यालय प्रबंधन व अध्यापकों ने अभिभावकों के साथ बच्चों की शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और बेहतर भविष्य निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।
विद्यालय के निदेशक बीपी अहलावत व प्रधानाचार्य ने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें अभिभावकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
घर और विद्यालय के बीच बेहतर तालमेल से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों का विकास किया जा सकता है। उन्होंने मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में मोबाइल बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता, खेलकूद और पारिवारिक संवाद को प्रभावित कर सकता है।
अभिभावकों से अपील की गई कि वे स्वयं भी मोबाइल का अनावश्यक उपयोग कम करें और बच्चों को भी मोबाइल फोन से यथासंभव दूर रखें। बच्चों को खाली समय में खेलकूद, पुस्तकें पढ़ने, रचनात्मक गतिविधियों और परिवार के साथ समय बिताने के लिए प्रेरित करें। बैठक में नशाखोरी से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा गया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज के लिए नुकसानदायक है।
बच्चों को बचपन से ही नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और उन्हें अच्छी संगति अपनाने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। अंत में सभी अभिभावकों से बच्चों को अच्छे संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक वातावरण देने की अपील की गई, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज व राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दे सकें।
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