चरखी दादरी। यह धारणा अक्सर सुनने को मिलती है कि बड़ी उपलब्धि हासिल करने के लिए महंगी कोचिंग और भरपूर संसाधनों की जरूरत होती है।
लेकिन जिले के गांव लोहरवाड़ा की बेटी सोनिया ने अपनी मेहनत और लगन से इस सोच को गलत साबित कर दिया है। हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा हाल ही में जारी परिणामों में सोनिया का चयन राजनीति शास्त्र विषय में कॉलेज कैडर के असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है।
सीमित साधनों के बीच मिली यह सफलता अन्य युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
सरकारी स्कूल से शुरू हुई पढ़ाई
सोनिया ने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से प्राप्त की और दसवीं तक की पढ़ाई वहीं पूरी की।
बारहवीं कक्षा उन्होंने दादरी के वैश्य कन्या स्कूल से उत्तीर्ण की। इसके बाद एपीजे कन्या कॉलेज से स्नातक तथा वर्ष 2020 में जनता पीजी कॉलेज से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। वर्ष 2022 में गांव समसपुर स्थित कॉलेज से बीएड पूरा किया। इसी वर्ष उन्होंने नेट-जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण की और हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा में भी सफलता हासिल की।
लगातार सफलताओं से बनाई पहचान
असिस्टेंट प्रोफेसर बनने से पहले सोनिया दो बार पीजीटी लेक्चरर पद पर चयनित हो चुकी हैं। वर्ष 2024 में आयोजित चंडीगढ़ पीजीटी परीक्षा में भी उन्होंने सफलता प्राप्त की। इसके बाद हरियाणा पीजीटी पद पर भी उनका चयन हुआ, हालांकि उन्होंने ज्वाइन नहीं किया।
अब उनका चयन हरियाणा में कॉलेज कैडर के असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है।
परिवार ने जताई खुशी
सोनिया के पिता कृष्ण कुमार जीआरपी पुलिस थाना रेवाड़ी में थाना प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं।
उनके बड़े भाई विकास ग्राम सचिव के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। बेटी की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है।
सेल्फ स्टडी से पाई सफलता
सोनिया ने बिना किसी कोचिंग के स्वयं अध्ययन के जरिए यह मुकाम हासिल किया है।
उनकी उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है।
युवाओं को दिया संदेश
सोनिया का कहना है कि युवाओं को खुद पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। लक्ष्य तय कर पूरी ईमानदारी से तैयारी करें और अपनी मेहनत पर भरोसा रखें, सफलता अवश्य मिलेगी।
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