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Charkhi Dadri : पेयजल व्यवस्था पर सवाल, घरों तक पहुंच रहा दूषित पानीटीडीएस स्तर 600 से अधिक, नागरिकों में बढ़ी चिंता


Charkhi Dadri शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा फिल्टर कर पानी सप्लाई किए जाने के दावों के बावजूद, कई इलाकों में लोगों को साफ पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। जर्जर पाइपलाइन और लगातार हो रही लीकेज के कारण घरों तक पहुंचने वाला पानी दूषित हो रहा है, जिससे नागरिकों को मजबूरी में वही पानी उपयोग करना पड़ रहा है।

जलघरों में क्लोरिनेशन की प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन सप्लाई लाइनों में खराबी के चलते पानी घरों तक पहुंचते-पहुंचते अशुद्ध हो जाता है। हालात यह हैं कि नलों से निकलने वाला पानी प्यास बुझाने के बजाय स्वास्थ्य के लिए खतरा बनता जा रहा है। जांच में कई इलाकों में पीने के पानी का टीडीएस स्तर 600 से ऊपर पाया गया है, जो मानकों के अनुसार सुरक्षित नहीं माना जाता।

शुरुआती समय में काला और बदबूदार पानी

शहर के कई वार्डों में लोगों का कहना है कि सप्लाई शुरू होने के पहले 10 मिनट तक पानी काला, मटमैला और बदबूदार आता है। कई बार पानी देखने में ही पीने लायक नहीं होता। मजबूरी में लोग बाजार से आरओ या कैंपर का पानी खरीद रहे हैं। वहीं, आरओ इस्तेमाल करने वालों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है क्योंकि गंदे पानी के कारण फिल्टर जल्दी खराब हो जाते हैं, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है।

अवैध कनेक्शन बन रहे बड़ी वजह

पेयजल आपूर्ति को नुकसान पहुंचाने में अवैध कनेक्शनों की बड़ी भूमिका सामने आ रही है। एक वैध कनेक्शन पर कई अवैध लाइनें जोड़ दी जाती हैं। इनमें घटिया पाइपों का इस्तेमाल होता है, जिनमें बार-बार लीकेज होती है। लीकेज के आसपास जमा गंदा पानी दोबारा पाइपलाइन में मिल जाता है। कुछ स्थानों पर सीवर और पेयजल लाइनें इतनी पास हैं कि सीवर का पानी सीधे सप्लाई लाइन में प्रवेश कर रहा है।

नियमों के अनुसार पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच जरूरी है, लेकिन शहर में टीडीएस की नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो रही। जांच के दौरान कई क्षेत्रों में पानी का टीडीएस स्तर 600 से ऊपर और कुछ इलाकों में 800 से अधिक पाया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक ऐसा पानी पीने से किडनी, लीवर और त्वचा से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

charkhi Dadri

खबरों के अनुसार जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता सोहन लाल का कहना है कि जलघरों से शुद्ध पानी की जांच के बाद ही सप्लाई की जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार लाइन टूटने या कनेक्शन में लीकेज के कारण पानी में अशुद्धियां मिल जाती हैं। विभाग के कर्मचारी लगातार पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए कार्य कर रहे हैं।

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